
संपादक शिवा वर्मा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बाबा केदार के धाम पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए मंदिर को फूल-मालाओं से सजाया गया है। इसके लिए ऋषिकेश से 15 क्विंटल फूल मंगाए गए हैं।

प्रधानमंत्री केदारनाथ धाम में लगभग दो घंटे तक रहेंगे। साथ ही वे केदारनाथ से जनता को संबोधित भी करेंगे।
प्रधानमंत्री केदारनाथ मंदिर में जलाभिषेक के साथ ही गुरु शंकराचार्य समाधि स्थल के पुनर्निर्माण के लोकार्पण के साथ ही मूर्ति का अनावरण भी करेंगे।
एमआई हेलीकॉप्टर से सुबह 7.55 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे।![]()
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प्रधानमंत्री मोदी बाबा केदार के बहुत बड़े भक्त हैं। यहां तपस्या कर उन्होंने अपने जीवन के कई साल गुजारे हैं। उन्हें बाबा के आशीर्वाद पर पूरा भरोसा है। इसलिए वह यहां हर साल जरूर आते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण वह पिछले वर्ष बाबा केदार के दर्शनों के लिए नहीं आ पाए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान केदारनाथ में मौसम खराब होने या किन्हीं अन्य कारणों से गौचर में हेलीकॉप्टर लैंडिंग की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 7.15 बजे एमआई हेलीकॉप्टर से केदार नाथ के लिए रवाना हुए।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 6.48 बजे देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंचे।
मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, पूर्व मुख्य्मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव एसएस संधू, मेयर सुनील उनियाल गामा, मंत्री सुबोध उनियाल समेत कई विधायक और संगठन के पदाधिकारी उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे।
गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच पड़ावों व अन्य चिह्नित स्थानों पर जवान तैनात हैं।
केदारनाथ में मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम शुक्रवार सुबह छह बजे से पूर्वाह्न 11.30 बजे के बीच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम में लगभग दो घंटे तक रहेंगे। साथ ही वे केदारनाथ से जनता को संबोधित भी करेंगे।
मैसूर के प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी ने तैयार की है।
शंकराचार्य की प्रतिमा श्री केदारनाथ धाम में आदिगुरु शंकराचार्य की 12 फीट ऊंची कृष्णशिला पत्थर से बनाई गई है। मैसूर के प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी ने 120 टन के पत्थर पर शंकराचार्य की प्रतिमा को तराशा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रतिमा का अनावरण करेंगे। वर्ष 2013 में आई आपदा में शंकराचार्य की समाधि बह गई थी।
विशेष डिजाइन से तैयार की गई है आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि प्रतिमा की चमक के लिए उसे नारियल पानी से पॉलिश किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश में केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों के तहत आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि विशेष डिजाइन से तैयार की गई है। आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि केदारनाथ मंदिर के ठीक पीछे छह मीटर जमीन की खुदाई कर बनाई गई है।
समाधि के मध्य में प्रसिद्ध मैसूर के मूर्तिकारों द्वारा तैयार प्रतिमा स्थापित की गई है।
आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा निर्माण के लिए देश भर के मूर्तिकारों की ओर से अपना मॉडल पेश किया गया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से योगीराज शिल्पी को प्रतिमा तैयार करने के लिए अनुबंध किया गया था।


