भारत के वित्त मंत्रालय और कतर राज्य द्वारा 18.02.2025 को दोनों देशों के बीच वित्तीय और आर्थिक सहयोग के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) को पूर्वव्यापी मंजूरी प्रदान की गई
समझौता ज्ञापन का उद्देश्य आर्थिक नीतियों, वित्तपोषण साधनों के उपयोग, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और निवेश के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना और विकसित करना है
द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और बढ़ाने की दिशा के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, कतर राज्य के महामहिम अमीर की भारत यात्रा के दौरान 18.02.2025 को भारत गणराज्य के वित्त मंत्रालय (एमओएफ) और कतर राज्य के वित्त मंत्रालय के बीच वित्तीय और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौता ज्ञापन पर 5 मार्च 2025 को नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के संयुक्त सचिव श्री बलदेव पुरुषार्थ और कतर में भारत के राजदूत श्री मोहम्मद हसन जाबिर अल-जाबिर ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य आर्थिक नीतियों, वित्तपोषण साधनों के उपयोग, सार्वजनिक-निजी भागीदारी ढांचे और निवेश के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना और विकसित करना है। यह सहयोग कतर के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी और बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार के लिए प्रतिबद्धता को संस्थागत रूप देगा। इस समझौता ज्ञापन से दोनों देशों में निवेश के लिए नए और उभरते क्षेत्रों और अवसरों की खोज होने की उम्मीद है।
यह समझौता ज्ञापन दोनों देशों के साझा उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। दोनों देशों के वित्त मंत्रालय अपने बीच संयुक्त सहयोग के मॉडल और क्षेत्रों को बढ़ावा देंगे, जैसे विशेषज्ञ कार्यशालाएं, सेमिनार और सम्मेलन आयोजित करना; संयुक्त कार्य के क्षेत्रों में दस्तावेजी और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान करना और दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच संवाद के साथ तालमेल बनाए रखना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
यह समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों की एक साथ मिलकर काम करने तथा निवेश, वृद्धि एवं विकास के नए अवसर खोलने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


