
रिपोर्ट :- आकांक्षा सिंह।
बाराबंकी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में 5 अगस्त से 8 अगस्त तक चलने वाले जीवन कौशल प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में
स्वजागरूकता कौशल पारस्परिक संबंध कौशल, भावना प्रबंधन, संप्रेषण कौशल को गतिविधियों के माध्यम से इस प्रकार सिखाया गया कि शिक्षक अपने विद्यालय के बच्चों में भी कौशलों से संबंधित गुण विकसित कर सकें। डायट प्राचार्य अमिता सिंह द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि शिक्षकों को अपने दायित्वों का निर्वाहन करने में यह सभी कौशल योगदान करेंगे। संप्रेषण कौशल हमारे पारस्परिक संबंधों को मजबूती प्रदान करता है।

दोनों कौशलों के विकास से बच्चों का होगा सर्वांगीण विकास। भावना प्रबंधन के द्वारा जितना हम तनाव से दूर रहेंगे उतने बेहतर तरीके से बच्चों का सर्वांगीण विकास करने, बच्चों को निपुण करने में मदद कर पाएंगे। प्रशिक्षण प्रभारी कीर्ति अवस्थी, संदर्भ दाता अमित राय, महेंद्र यादव (डायट प्रवक्ता), संदर्भदाता श्रीमती प्रीति वर्मा, लक्ष्मी सिंह, महिमा सिंह, अमरजीत सिंह, सीमा सलवानी धर्मराज, (स.अ.) ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जीवन कौशल की समझ विकसित करने में मदद की। प्रशिक्षण में राहुल सिंह सूर्यवंशी, सुकेश रंजन श्रीवास्तव, आनंद यादव, जहीर अहमद, गीतांजलि सिंह यादव, शिखा साहू आदि उपस्थित रहे।





