बाराबंकी

खत्म हो रहा कुंआ का अस्तित्व

कोटवा धाम बाराबंकी

आज से गरीब 10 शतक पहले लोग कुआं का निर्माण करते थे जिससे ठंडा प्याऊ मीठा जल मिलता था जिसका प्याऊ जल पीके लोग शांति से जीते थे आज नलकूप टिल्लू पंप फ्रीज का ठंडा पानी इस्तेमाल कर रहे हैं फिर भी सैकड़ों बीमारी से झेल रहे धीरे धीरे कुदरती प्याऊ जल पर गहरा संकट पढ़ रहा है जैसे कि लगभग हर ग्राम पंचायत में 10 से 12 कुआ होती थी
लेकिन आज हर गांव में कुआं फटी हुई नजर आते हैं कूड़ा करकट गंदगी आज से कुमा पर ढक्कन डालकर पाठ रखे हे
प्राकृतिक व्हेन थे वह कुआं जिसका प्याऊ जल मीठा जल पीकर लोग संपूर्ण स्वस्थ रहते थे आज सभी लोग बीमारियों से परेशान हैं

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