बाराबंकी

इस महामारी के संकट के दिनों में अपनों का साथ देना या होना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसके लिए परिवार के साथ मिलजुल कर मधुर सम्बन्ध स्थापित करना चाहिए,- मानसिक रोग विषेषज्ञ

बाराबंकी से स्टेट हेड शमीम की रिपोरी

अपनों के साथ मानसिक सन्तुष्टि
नोवल कोरोना वायरस सार्स कोविद-19 के समबन्ध में मानसिक रोग विषेषज्ञों का कहना है कि इस महामारी के संकट के दिनों में अपनों का साथ देना या होना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसके लिए परिवार के साथ मिलजुल कर मधुर सम्बन्ध स्थापित करना चाहिए, फोन या विडियो काल करके अपने सगे संबधियों का हाल चाल जानना और अपने सुख दुखों का आदान प्रदान करना चाहिए एवं एक दूसरे की सहायता करना चाहिए जरुरत पड़ने पर अपने पड़ोसियों से दूरी बना कर बात चीत कर मदद कर सकते है और इस महामारी के कारण लॉकडाउन में रोज काम- काज करने वाले लोगों की आमदनी एवं जरिया समाप्त हो गयी है इस कारण अगर आपके पडोस में कोई परिवार भूखा है तो उसकी सहायता करनी चाहिए अकारण घर से बाहर कदापि न निकले अपने अधूरे कार्य जो घर में रह कर पूरे किये जा सकते है उसके लिए अच्छा अवसर है तन की दूरी बनायें, मन से एक दूसरे के पास रहें
इस लाक डाउन में अपने परिवार, बीबी-बच्चों, पति एवं माता पिता का ध्यान रखे और अपनी दिनचर्या का समय सारिणी बना कर उस पर अमल करें जैसे कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए प्रति दिन प्रातः काल उठ कर व्यायाम करे, घरों मे टहले, रस्सी कूदें, म्यूजिक चलाकर डांस करें, जिससे आपको थकान हो उसके उपरान्त योग करें और ध्यान लगा कर बैठ कर लम्बी-लम्बी सांसे लें और अनुलोम विलोम करें जिससे आपका मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य सही रहेगा अपने बच्चो को नये-नये हुनर सिखाये, उनके साथ इनडोर खेल खेलें, उनकी पढ़ाई लिखाई पर भी ध्यान दें अपने भविष्य की प्लानिंग करें अपने जीवन साथी के साथ अच्छा व्यवहार एवं एक दूसरे का सहयोग करें , वाद विवाद से बचे एवं सुमधुर जीवनयापन करे।

भ्रान्तियों से बचे
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जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम बाराबंकी के मनोचिकित्सक के अनुसार नोवल कोरोना वायरस कोविद-19 के संबंघ में लोगो के बीच अनेकों भ्रान्तियां पायी जा रही है इसको दूर करने के लिए जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के विषेषज्ञो द्वारा पहल किया जा रहा है विषेषज्ञों का मानना है कि लॉक डाउन वजह से बहुत लोगो की आमदनी और आजादी पर बुरा प्रभाव पड़ा है जिससे लोगों के अन्दर मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है लोग इस नये वायरस से सहमे हुए है जिसका कारण सोषल मीडिया पर आये दिन कुछ न कुछ अफवाहो का आना टोना-टोटका, चमत्कार एव उपचार से संबधित अनेको मैसेज एवं वीडीयो का वायरल होना, बीमारी के संबंध में सही जानकरी का अभाव होना एवं जरुरत से ज्यादा बीमारी के बारे में समाचार एवं खबरे सुनते रहना प्रमुख है मानिसक रोग विषेषज्ञो का मानना है कि आप सबसे पहले कोरोना वायरस के संबंध में सोषल मीडिया, वाटसअप, फेस बुक, न्यूज चैनल, एवं गलत न्यूज से बचें नोवल कोरोना वायरस के बारे में जितनी जानकारी आप हासिल करना चाहते है वह आप पहले हासिल कर चुके है ज्यादा जानने की आवष्यकता आपको नहीं है ज्यादा जनाने की कोषिष मात्र आपको मानसिक तनाव उम्पन्न कर सकती है जिसके फल स्वरुप आप मानसिक बीमार हो सकते है कुछ लोग इस भयावह बीमारी सार्स कोविद-19 के तनाव से बचने के लिए मादक पदार्थ का प्रयोग कर रहें है जो कि गलत है मानसिक रोग विषेषज्ञों का कहना है कि मादक पदार्थ आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है जिससे बीमारी लगने का ज्यादा खतरा है कुछ लोग गलत तर्क देते है, भ्रान्तिया फैलाते है कि शराब पीने से कोरोना वायरस समाप्त हो जाता है एसी भ्रान्तियो से दूर रहकर बीमारी से संबधित किसी भी सूचना के लिए विषेषज्ञों के बातों का पालन करें न कि भ्रान्तियों मे पडकर अपने आपको शारीरिक एवं मानसिक रुप से क्षति पहूँचाये

सुरक्षा ही बचाव है
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नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 एक भयावाह महामारी है जिसका प्रकोप पूरे विष्व में फैला हुआ है इससे निजात पाने के लिये मानसिक रोग विषेषज्ञों को कहना है कि लोगो को धैर्य पूर्वक इस महामारी के समाप्त होने का इन्तजार करना चाहिए क्योकि कोई भी महामारी अनन्त काल तक नही रहती, यह कुछ ही दिनों की बात है यह विपदा समाप्त हो जाने वाली है इस विपदा को समाप्त करने के लिये सभी देशवासी किसी ना किसी रूप में अपना योगदान दे रहे है चाहे वह घर मे लॉकडाउन के रूप में अपना समय क्यो न व्यतीत कर रहे हो यह बीमारी लोगों के सम्पर्क मे आने से फैलती है इस कारण से हमारी सरकार ने बीमारी की चेन को तोडने के लिये लॉकडउन किया हुआ है, ताकि इस कोरोना वासरस की कडी को तोडा जा सके इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को सरकार के बनाये गये नियमों का अनुपालन कर इस कडी को तोडने मे सहायता करनी चाहिये इसके लिये सोषल डिस्टेंसिंग बनाये रखना, समय-समय पर हाथ धोना, अनावष्यक अपने नाक, मुंह और चेहरे को ना छूना, अपने आस-पास सफाई रखना, बाहर न निकलना, जब भी बाहर निकले हाथ में डिस्पोजल गल्बस और मास्क का उपयोग करके इस बीमारी सें निजात दिलाने मे अपना सहयोग दे सके।

नोडल अधिकारी, (सकाईट्री)
जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
बाराबंकी, उ0प्र0।

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