Advertisement
बाराबंकी

मानव शरीर बड़ी कठिनाइयों के बाद मिलता है मनुष्य अपनी जान बचाने के लिए सब कुछ न्योछावर कर देता है ।

कोटवा धाम बाराबंकी प्रभात

मानव शरीर बड़ी कठिनाइयों के बाद मिलता है मनुष्य अपनी जान बचाने के लिए सब कुछ न्योछावर कर देता है ।इससमय दुनिया भर के लोगों पर जान का खतरा मंडरा रहा है कोरोना वायरस रुपी यमराज लोगों की जान के पीछे पड़ा हुआ है

सरकार लाक डाउन लगा कर के देशवासियों की जाने बचाने के लिए सोशल डिस्टेसिग से इस महामारी पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है क्यों कि इस के अलावा इस से बचने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है तीसरे चरण का लाकडाउन अपने अंतिम चरण में है लाकडाउन को कड़ाई से लागू करने की तमाम कोशिशों के बाद भी शतपशित कामयाबी नहीं हो रही है लोग इसे मजाक बना रहे हैं चौराहे पर खड़ी पुलिस देखकर मार्क्स या गमछे का इस्तेमाल करते हैं सोशल डिस्टेंडिंग की कोई चिंता नहीं
शराब की दुकानो पर और बैंकों में लाकडाउन के नियमों की खिल्ली उड़ाई जा रही है

advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Sorry !!