छठ्ठ महापर्व आस्था का है पर्व – जगदम्बिका पाल

रिपोर्ट-सिद्धार्थनगर-विजय पाल चतुर्वेदी

छठ्ठ पर्व के मद्देनजर सूर्य उपासना के महापर्व पर शनिवार को प्रातः कालीन वेला में सिद्धार्थनगर के जमुआर घाट के तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जिधर देखों पूजन सामग्री के साथ महिलाऐं दिखाई पड़ने लगीं। नारियल, सुथनी, शरीफा, सिगाडा, नेबू, आल्ता पतली, गन्ना, फल, हल्दी पत्ती, बैर आदि सामग्री के साथ उगते सूर्य को अर्घ दिया। प्राचीन सभ्यता एवं आस्था से परिपूर्ण छठ पर्व पर भगवान सूर्य देव की उपासना कर छठी मइया को हजारों की संख्या में महिलाओं, पुरूषों व बच्चों ने अर्घ देकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद जगदम्बिका पाल ने भी सुर्य देव को अर्घ देखकर मंगल कामना कि। इसी क्रम में सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि छठ पर्व ही एक मात्र ऐसा पर्व है जिसमें डूबते सूर्य की भी आराधना की जाती है। डूबता सूर्य इतिहास होता है, और कोई भी सभ्यता तभी दीर्घजीवी होती है जब वह अपने इतिहास को पूजे।छठ उगते सूर्य की भी आराधना का पर्व है। उगता सूर्य भविष्य होता है, और किसी भी सभ्यता के यशश्वी होने के लिए आवश्यक है कि वह अपने भविष्य को पूजा, श्रद्धा और निष्ठा से सँवारे। आगे उन्होंने कहा कि मेरे देश की माताओं! जब भास्कर आपकी सिपुलि में उतरें, तो उनसे कहिएगा कि इस देश, इस संस्कृति पर अपनी कृपा बनाये रखें,ताकि हजारों वर्ष बाद भी यही दृश्य हमारे आने वाली पीढ़ियों को भी देखने को मिले।इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी,शिवशक्ति शर्मा, राजेश जयसवाल,सम्पूर्णानन्द पाण्डेय,लक्ष्मीकांत जयसवाल, सौरभ त्रिपाठी,मनोज चौबे, आशीष शुक्ला,अखंड पाल, करन पाण्डेय आदि हजारों संख्या में लोग मौजूद रहें।