अब तकअभी तकबाराबंकी

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहीदे आज़म इमाम हुसैन की रूकसती राजाकासिम की अगुवाई में तमाम मुसलमानों ने रक्तदान करके की

स्टेट हेड शमीम की रिपोर्ट

बाराबंकी। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहीदे आज़म इमाम हुसैन की रूकसती राजाकासिम की अगुवाई में तमाम मुसलमानों ने रक्तदान करके की। इस अवसर पर कासिम ने कहा कि जब यज़ीद आतंकी इस्लाम को दहशतगर्द साबित करके मिटाने का षड्यंत्र कर रहा था तब हमारे मौला हज़रत इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ यज़ीद से व उसकी लाखों की फौज़ से जग लड़ी जिससे हमारे मलौए आली मकाम व उनके 72 साथियों जो कि तीन दिन के प्यासे थे, शहीद कर दिया था जिसमें निवासे रसूल इमाम हुसैन के 06 महीने के बेटे हज़रत अली असगर 04 साल की बेटी हज़त सकीना को भी यज़ीद ने शहीद कर दिया था, हमारे मौला ने अपने पूरे परिवार की शहादत देकर इस्लाम को आतंक से अलग कर पूरी इंसानियत को अमन का संदेश दिया था। कासिम ने आगे कहा जब तक दुनिया रहेगी तब तक हम अपने इमाम की कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया था। रक्तदान करने वालों में प्रमुख रूप से राजाकासिम, फराज़ हुसैन, विक्की, जुबेर अहमद खाँ, हफीज़ उल्ला, कासिम रज़ा, शैज़ी रिज़वी, मो0 अज़हर, मो0 अकरम, मो0 नुरूेमन, मकासिज रज़ा, आशीष नाग, बच्चेलाल आदि लोगों ने रक्तदान किया।

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