अब तकअभी तकसिद्धार्थनगर

विप्र धेनु सुर संत हित लीऺह मनुज अवतार – सूर्यकांत आचार्य

सिद्धार्थनगर -विजय पाल चतुर्वेदी

भगवान का अवतार वेद पाठी ब्राह्मणों एवं गायों की रक्षा, देवताओं की रक्षा,संतों की रक्षा के लिए होता है।
उपरोक्त बातें शोहरतगढ ब्लाक के ग्राम परिगवा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा में अयोध्या धाम से पधारे स्वामी सूर्यकांताचार्य जी महाराज ने कहा।
चतुर्थ दिवस की कथा को विस्तार करते हुए भगवान के सभी अवतारों का वर्णन किया कथा में प्रमुख रुप से ध्रुव चरित्र पर प्रकाश डाला श्री महाराज जी ने बताया कि उत्तानपाद की पत्नी सुनीती थी और उत्तानपाद के यहां ही दासी के रूप में सेवा करने वाली सुरुची के प्रति उत्तानपाद आकर्षित हो करके उससे विवाह कर लिया। और अपनी पत्नी सुनीती को अलग कर दिया, जिनके यहां ध्रुव जी का जन्म हुआ था। श्री महाराज जी ने कहा कि सुंदर मार्ग पर ले जाएं वही सुनीती है, और रूचि की जो बात कहे। और पतन के गर्त में ले जाने वाली ही सुरुची है, स्वतंत्र होकर के कार्य करने वाले एवं अपनी प्रशंसा सुनने वाले व्यक्ति का पतन हो जाता है श्री महाराज जी ने कहा कि स्वतंत्रता व्यभिचार की जननी है कभी जीवन में पूर्ण स्वतंत्र नहीं होना चाहिए। महाराज जी ने कहा कि ध्रुव जी को एक बार पिताजी से मिलने की इच्छा हुई और अपने पिताजी के पास गए तो सौतेली मां ने डांट कर के भगा दी, बोली जाओ। परमात्मा की तपस्या करो और परमात्मा प्रकट होगा तो उसे वरदान मांगना मेरे गर्भ से तुम्हारा जन्म हो तब तुम इस सिंहासन पर बैठ सकते हो,श्री महाराज जी ने कहा कि गर्भपात को नर्क बास कहा गया है। और सुरुचि अपने गर्भ की तुलना परमात्मा से कर रही है। जानकारी के इस वचन ने भक्त और भगवान का दोनों का अपमान कर दिया और भगवान कहते हैं, कि मैं अपने अपमान को बचा लेता हूं। लेकिन अपने भक्तों को कभी अपमानित नहीं होने देता बाल्यकाल में ही उन्होंने ईश्वर की आराधना शुरू की भगवान ने उनको दर्शन दिया कथा में मुख्य रूप से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री कृष्ण की झांकी निकाली गई। दिव्य भजनों के द्वारा भक्त लोग भाव विभोर होकर के झूम उठे इस अवसर पर तहसीलदार राजेश अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश सहमंत्री शिव शक्ति शर्मा,वीरेंद्र मोदनवाल,व्यवस्था पंडित अरविंद पाण्डेय अध्यक्ष सनातन वैदिक सनातन धर्म सभा आचार्य, राम प्रकाश दास जी पकड़ी बाबा, ग्राम प्रधान शिवकुमार शुक्ला, सुनील श्रीवास्तव,बृजेश दत्त शुक्ला,मधुसूदन शुक्ला,संतोष कुमार यादव सहित तमाम संभ्रांत लोग उपस्थित रहें ।

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