औरैया

लापता हुए 16 वर्षीय किशोर का शव नदी में मिलना का पुलिस ने किया खुलासा

स्टेट हेड शमीम की रिपोर्ट

औरैया जनपद के थाना बिधूना अन्तर्गत गत 18 अगस्त से लापता हुए 16 वर्षीय किशोर का शव 23 अगस्त को पुरहा नदी में चपोरा गांव के पास मिलने
क्षेत्र में सनसनी फैल गयी थी । शव मिलने के बाद पोस्ट मार्टम में मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने से हत्या या पानी में डूबने से हुई मौत के बिंदुओं पर बारीकी से जांच करने के बाद कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित पुलिस क्षेत्राधिकारी मुकेश प्रताप सिंह की मौजूदगी में मृतक के साथ नहाने गए आधा दर्जन से अधिक किशोर एवं युवकों को एक साथ पेश कर पत्रकारों के सामने घटना का खुलासा कर दिया।मृतक किशोर के साथ नहाने गए उसके साथियों ने पुलिस को बताया कि अजय कुमार पुत्र
पातीराम निवासी अम्बेडकर नगर बिधूना सभी लोग एक ही मोहल्ले के निवासी है 18 अगस्त को अजय कुमार अपराहन करीब 2 रू30 बजे उक्त लोगों के साथ बाइक से पुरहा नदी में चकोरा गांव के पास नहाने गया था जहां साथियों द्वारा रोकने के बाद भी अजय अड्डी पार करने लगा तभी अड्डी से काई के कारण उसका पैर फिसल गया और वह पानी में डूबकर गुम हो गया। मौके पर रहे किशोर विवेक उर्फ छोटू अमित कुमार अंशु उर्फ आशीष विशाल सुमित उपेंद्र ने बताया कि उन लोगों ने अजय की काफी खोजबीन की लेकिन अजय का कोई पता नहीं चला खोजबीन से निराश होकर इस बात के डर से की कहीं पुलिस इस मामले को लेकर उन्हें जेल न भेज दे सभी लोगों ने एक राय होकर इस बात पर सहमति प्रकट की कि वह लोग इस बात की चर्चा न तो अपने स्वजनों से करेंगे और न ही अजय के स्वजनों को इस घटना के बारे में बतायेंगे कहा 23 अगस्त को अजय का शव मिलने के बाद 24 अगस्त को सुमित ने विवेक के कहने पर अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण करने के प्रयास का नाटक किया 18 अगस्त को गायब हुए किशोर के पिता द्वारा 19 अगस्त को गुमशुदगी अपहरण की कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी जबकि मृतक का 23 अगस्त को शव मिलने के बाद मुकदमे को अपहरण के बाद हत्या एस सी एस टी एक्ट में तरमीम कर दिया गया था। जिसमें
मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर शरद ठाकुर पुत्र लाखन सिंह निवासी रूप पुर कटरा पूजा सेंगर और उसके भाई अभिषेक सेंगर पुत्र पप्पू निवासी अंबेडकर नगर व उनके साथी राहुल कुमार संदीप कुमार को अजय का अपहरण व हत्या कर शव पानी में फेंक दिये जाने का आरोप लगाया गया था घटना के 10 दिन बाद सही खुलासा होने से जहां निर्दाष जेल जाने से बच गये वही पुलिस के ऊपर मनमाने तरीके घटना का खुलासा करने का आरोप लगने से बच गया पुलिस अधीक्षक सुनीति के द्वारा घटना के खुलासे के लिए एस एच ओ विनोद शुक्ला क्राइम निरीक्षक निर्भय चंद्र, एस आई सुरजीत पाल, उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह यादव
क्राइम निरीक्षक देवेंद्र सिंह उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में 3 टीमों का गठन किया गया था। पुलिस के द्वारा घटना का सही खुलासा किए जाने को लेकर नगर क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की कार्य शैली की सराहना की है इस अवसर पर उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा उप निरीक्षक पवन यादव आदि मौजूद थे जबकि दिवंगत किशोर के स्वजन वह अन्य
किशोर एवं युवकों के स्वजन मौजूद है

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