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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयन्ती पर गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्धारा व्याख्यानमाला हुआ आयोजित

स्टेट हेड शमीम की रिपोर्ट

बाराबंकी। जब ग्राम स्वराज आएगा तभी देश स्वावलम्बी बनेगा। स्वावलम्बन का यह नारा गांधी जी ने दिया थी। उन्होंने समानता को ग्राम स्वराज का बुनियादी सिद्धान्त बताया था। इसलिए हमें अपने जीवन स्वदेशी के अलावा स्वावलम्बन और अहिंसा को भी आत्मसात करने की जरूरत है। तभी गांधी के रामराज्य की परिकल्पना की जा सकती है। यह बात गांधी भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयन्ती पर गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्धारा आयोजित व्याख्यानमाला के मुख्य अतिथि लोकतंत्र सेनानी एवं वरिष्ठ पत्रकार अनिल त्रिपाठी ने कही।
इससे पूर्व गांधी भवन में उन्होंने झण्डारोहण किया। तदोपरान्त महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा मुख्य अतिथि अनिल त्रिपाठी को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
गांधीवादी राजनाथ शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी की मूल धारणा एवं विचार आज भी महत्वपूर्ण है। गांधी जी ने समाज को कौमी एकता के बंधन में बांधने का काम किया। उनके विचारों की प्रसांगिकता कभी समाप्त नहीं होगी। जब देश में नफरत नही होगी और गैरबराबरी नहीं होगी तभी रामराज आएगा और यही असली समाजवाद होगा। सभा की अध्यक्षता कर रहे गांधी जयन्ती समारोह के अध्यक्ष मो0 उमेर किदवई ने कहा कि महात्मा गांधी ने समाज में मोहब्बत का पैगाम दिया था। उनके अहिंसा, स्वदेशी और सत्याग्रह के संदेश को साकार रूप देने का प्रयास गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट कर रही है। इस संस्था ने देश को आपसी सौहार्द, स्वदेशी, अखंडता और मानवता के सूत्र में बाँधने की अनूठी पहल की है।
प्रसपा नेता धनंजय शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को जिन्दा रखने की जरूरत है। जिसके लिए किसी वैभव या आभामंडन की आवश्यकता नहीं है। गांधी के विचार ही उनके व्यक्तित्व को परिभाषित करते है।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सभा का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता हुमायूं नईम खान ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से विनय कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार राजा सिंह, अशोक शुक्ला, मो0 हनीफ, तारिक किदवई, वीरेन्द्र सिंह, अनवर महबूब किदवई, उमेर उस्मानी, तौकीर कर्रार, पाटेश्वरी प्रसाद, मृत्युंजय शर्मा, तौकीर कर्रार, अब्दुल रहमान, भरत लाल सिंह, मनीष सिंह, कलाझर यादव, अनुपम सिंह राठौर, विनोद भारती, संतोष शुक्ला, अनिल यादव, अशोक जायसवाल, अजीज अहमद, रंजय शर्मा सहित कई लोग मोजूद रहे

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