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राजकीय सम्मान के साथ अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ माता प्रसाद मित्र का पार्थिव शरीर हुआ अग्नि के हवाले

लखनऊ दिनांक 20 जनवरी 2021

दिनांक 11 अक्तूबर 2020 में अपने जीवन के 95 वर्ष पूर्ण कर चुके अरुणांचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल , दलित समाज व साहित्य के पुरोधा, समजोत्थान के प्रेरणा स्रोत, स्वनामधन्य महामना, साहित्य शिरोमणि डॉ माता प्रसाद मित्र को सभी प्यार से बाबू जी कहा करते थे । सभी के सुख दुःख में शरीक होने वाले बाबू जी ने इस मृत्यु लोक को अलविदा कह दिया ।
बाबू जी इधर कई दिनों से काफी बीमार चल रहे थे । अपने पौत्र डाॅ रवि भास्कर की गहन देख रेख में चल रहे थे । हालत दिन पर दिन बिगड़ती ही जा रही थी । न चाहते हुए भी उन्हें चंदन हाॅस्पिटल के आई सी यू में वेन्टिलेटर पर रक्खा गया और आज रात्री समय लगभग 00:30 बजे उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए और जीवन के झंझावतों से मुक्त हो गए ।
अपराह्न तीन बजे लखनऊ के बैकुण्ठ धाम में उनका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज व राजकीय सम्मान के साथ किया गया ।इस अवसर पर बाबू जी के अन्तिम दर्शन करने के लिए परिजनों के अतिरिक्त उनके चाहने वालों का विशाल जन समूह उमड़ पड़ा । भारतीय दलित साहित्य अकादमी, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षा डाॅ लालती , स्व श्रीमती दौलत स्मृति संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष पण्डित बेअदब लखनवी, अनागत साहित्य आन्दोलन संस्था के अध्यक्ष डाॅ अजय प्रसून, पण्डित दुर्गा प्रसाद मिश्र साहित्य सभा की अध्यक्षा पण्डित विजय लक्ष्मी मिश्रा, पहरू संस्था के अध्यक्ष मनमोहन बाराकोटि ‘तमांचा लखनवी’, माँ दुर्गा साहित्य संस्थान की अध्यक्षा श्रीमती अल्का अस्थाना, लखनऊ शहर से तीन बार मेयर रह चुके दाऊ जी गुप्त, ज्ञान प्रकाश जख़्मी आदि साहित्यकारों ने बाबू जी को बैकुण्ठ धाम पहुंच कर अश्रु पूरित आंखों से अन्तिम विदाई दी । तिरंगे में लिपटे बाबू जी के पार्थिव शरीर को पुलिस विभाग के सुसज्जित दस्ते द्वारा गार्द आॅफ हाॅनर पेश करते हुए शस्त्र उलटे कर श्रद्धांजलि दी गई व फिर सलामी दी गई ।
समाज के विभिन्न वर्गों से हजारों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदा करते हुए
ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने और स्वर्ग में अपने श्री चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की ।
बाबू जी के हाथों से पत्रकारिता गौरव सम्मान से सम्मानित हो चुके वर्तमान समाजवाद टाइम्स लखनऊ के सम्पादक इस्लामुद्दीन अब्बासी, लाइव टीवी चैनल के सत्तार अहमद व अन्य पत्रकारों ने बाबू जी के आकस्मिक निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक व्यक्त किया ।

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