पुल व रास्ता जर्जर होने से 2 किमी का रास्ता 8 किमी में तय करते हैं ग्रामीण

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ब्यूरो रिपोर्ट : दिलीप कुमार मिश्रा।

फतेहपुर, बाराबंकी। सूरतगंज ब्लॉक अंतर्गत छेदा के नील मथना घाट पर बना हुआ पुल जर्जर होने के कारण करीब एक दर्जन गांवों की करीब दस हजार आबादी का आवागमन बाधित होने को है। छेदा से बिंदौरा को जोड़ने वाले सड़क पर बने इस पुल की स्थित काफी जर्जर है करीब 2 किलोमीटर कच्चे मार्ग और जर्जर पुल के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
बिंदौरा से छेदा को जोड़ने वाला कच्चा मार्ग है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ग्राम बिंदौरा निवासी राम बीरेंद्र गुप्ता बताते हैं की बरसात के दिनों में जब इस रास्ते पर पानी भर जाता है तो हम सभी को 8 किलोमीटर दूर बेहड़ा बाजार होते हुए अपने गांव को पहुंचना होता है शादी विवाह आदि कार्यक्रम में भी इस मार्ग से गांव तक चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाता है और 2 किलोमीटर रास्ता सही ना होने के कारण हमें 8 किलोमीटर का सफर तय करके अपने गांव पहुंचना होता है। रास्ता जर्जर होने से स्कूली बच्चों को परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। सीमा जोकि कक्षा 5 की छात्रा है कहती हैं की पुल और रास्ता खराब होने के कारण हम बच्चों को काफी घूमकर स्कूल पहुंचना होता है बरसात के दिनों में इस रास्ते पर पैदल भी निकलना मुश्किल हो जाता है और हम सभी स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में भी देर हो जाती है। पंडित पुरवा निवासी रमेश यादव बताते हैं की हम सभी ग्रामीण सांसद विधायक और जिम्मेदार लोगों को इस मार्ग के बारे में अवगत करवाया है लेकिन आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी को इस जर्जर पुल और मार्ग की सुध नहीं ली है। लोगों का कहना है कि इन गड्ढों में साइकिल से भी चलना मुसीबत को दावत देने जैसा है। इस मार्ग पर जर्जर पुल होने के कारण बिंदौरा, घरथरिया ,नाहरवल, नारेपुरवा, सरदारन झबा, पंडित पुरवा, भानियापुर ,अलीजान पुरवा सहित करीब एक दर्जन गांव के लिए यह मुख्य मार्ग भी है।

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