धन्नाग महोत्सव में रविवार आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य की रसधार बही।

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बड्डूपुर बाराबंकी:-धन्नाग महोत्सव में रविवार आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य की रसधार बही। महोत्सव में कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों को लोटपोट कर दिया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री श्याम लाल रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया ।कवि सम्मेलन की अध्यक्षता महंत विक्रम दास व संचालन कवि कृष्ण बिहारी अवस्थी ने किया।कवि सम्मेलन का आरंभ कवित्री कोमल यादव ने सरस्वती वंदना से किया। कवि अजय ,अटल ने पढ़ा हमारे घर में दीपक प्यार के दिन रात जलते हैं ‌,मधुर संबंध के अनुराग के अरमान पलते हैं।वो घर प्यार का मंदिर जहां मां बाप रहते हैं,मिले आशीष गर उनका तो दिन गर्दिश के टलते है।कवि सुनील ,झंझटी ने पढ़ा गाय जितना अगर मां बाप की सेवा पे बल देते,तो हिंदुस्तान के अंदर ये वृद्ध आश्रम नहीं होते।

कवि कृष्ण बिहारी अवस्थी ने पढ़ा हम गीत शौर्य का गाते हैं,युग को आज जरूरत है।कवि हर गोविंद यादव ने पढ़ा मौसम आएंगे जाएंगे,हम तुमको न भूल पाएंगे।कवि पंडित अर्जुन तिवारी ने पढ़ा जय हो भारत की देव भूमि पावन रसता अनुरागी की,है सत्य सनातन धर्म अडिग पूछो बंदा बैरागी की ।हर सिद्ध मनोरथ होते हैं बस नाम की पद पाने की , द्वापर युग से ही कल्याणी जय हो बाबा धन्नागी की।इस मौके पर महंत विक्रम दास, राम लखन शुक्ला,मान सिंह यादव , तरुण प्रकाश रावत,राम प्रताप यादव, योगेश शुक्ला,नन्हे सिंह ,भानु प्रताप सिंह ,राम सुचित शुक्ल,आदि काव्य प्रेमी उपस्थित रहे।