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जनपद न्यायाधीश श्री राधेश्याम यदव के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन

स्टेट हेड शमीम की रिपोर्ट

बाराबंकी।उ0प्र0राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मंशानुरूप माननीय जनपद न्यायाधीश श्री राधेश्याम यदव के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी द्वारा दिनांक-17.02.2021 को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोरी, तहसील नवाबगंज जिला बाराबंकी में बाल अधिकार, किशोर अधिनियम एवं लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 विषय पर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वेता चन्द्रा, विपिन कुमार सिंह कार्यालय प्रभारी, मोहित वर्मा, मोहित प्रजापति, कंचन वर्मा, अधीक्षिका,कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारीगण के अतिरिक्त संवासिनियां मौजूद थी।शिविर की शुरूवात करते हुए सचिव श्वेता चन्द्रा द्वारा सभी को बताया गया कि संवासिनियों को पर्याप्त विधिक अधिकार प्राप्त हैं उन्हें किसी भी दशा में कमतर नहीं समझा जा सकता है। संवासिनियों के भोजन, वस्त्र, शिक्षा स्वास्थ संबंधी सभी अधिकार प्राप्त हैं एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समय समय पर इनकी निगरानी करता है। संवासिनियों के लिए विधिक सहायता उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है और पैनल अधिवक्ताओं एवं पराविधिकों द्वारा निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराया जा रहा है। संवासिनियों को उनके वादों की पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता मोहैया कराया जाता है। इस अवसर पर संवासिनियों को अच्छे स्पर्श एवं बुरे स्पर्श के विषय में भी जानकारियां दी गई। संवासिनियों को बताया गया कि यौन शोषण के विरूद्ध हम लोग संकोच वश कोई प्रतिकूल कदम नहीं उठाते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। बाल यौन शोषण करने वाला कोई भी व्यक्ति न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए कलंक है और यदि प्रारम्भ में ही उसे उसकी गलती की सजा नहीं दिलाई जाती तो वह आगे चलकर इसकी पुनरावृत्ति करता है। इसलिए आज यह आवश्यक है कि सभी को मिल कर बाल यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
इस अवसर पर राजकीय गृह किशोरी की संचालिका द्वारा भी संवासिनियों को दिये जाने वाले लाभों के विषय में बताते हुए सचिव महोदया को आश्वस्त किया गया कि संवासिनियों के हितों की रक्षा में किसी भी प्रकार की हिला हवाली नहीं की जायेगी।
कार्याक्रम का संचालन विपिन कुमार सिंह कार्यालय प्रभारी द्वारा किया गया। विधिक साक्षरता कार्यक्रम में दिये गये विचारों से संवासिनियां लाभान्वित हुई और उनके द्वारा पुनः ऐसे कार्यक्रमों को आयोजित करने की अपेक्षा की गई।

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