जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी द्वारा

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जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी द्वारा दिनांक-10.10.2019 को टी0आर0सी0 लाॅ जनपद बाराबंकी में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य एवं पाक्सो अधिनियम विषय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नन्द कुमार के अतिरिक्त टी0आर0सी0 ला कालेज के प्राचार्य श्री अश्वनी कुमार गुप्ता, प्रवक्तागण श्री संजय यादव, श्रीमती दीपमाला श्रीवास्तव, श्री नवीन सिंह, श्री अमजद अंसारी, श्री मुकेश कुमार, श्री डी0के0चतुर्वेदी के अतिरिक्त कालेज के अन्य कर्मचारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से विपिन कुमार सिंह, मोहित वर्मा, आशीष, एवं कालेज के छात्र छात्राएं मौजूद थे।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि प्रत्येक वर्ष में आज के दिन को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मानसिक रोगों से शिकार मरीजों के विषय में संवेदनशीलता बढ़ाये जाने एवं उनके पुनर्वासके उद्देश्य से प्रतिवर्ष सेमिनार एवं विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है। पाक्सो अधिनियम के विषय में बोलते हुए बताया गया कि बालकों के साथ होने वाले अपराध गंभीर चिन्तन का विषय है जिसके निदान के लिए समाज और न्याय प्रशासन के सभी अंगों को संवेदनशीलता एवं मानवीयता के साथ चिन्तन व क्रियान्वयन करना होगा। बालकों के साथ संवाद कायम करने की आवश्यकता पर और समाज मे घटित होने वाले बालकों के प्रति सामाजिक चेतना विकसित करने पर बल दिया। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण, किशोर न्याय, बाल श्रम उन्मूलन, बालकों के अनिवार्य शिक्षा अधिनियम आदि के उपबन्धों पर चर्चा करते हुए समाज के सजग प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए लोगों से अपील की। अच्छे स्पर्श एवं बुरे स्पर्श का एहसास बच्चों को करना स्वयं नहीं आता बल्कि यह उनके माता पिता एवं बड़े बुजुर्गाे का कर्तव्य है कि वे बच्चों के इसमें अंतर करना सिखायें। बाल यौन शोषण में प्रायः यह देखने में आया है कि अपने निकट का कोई संबंधी इसमें लिप्त होता है और हम लोग संकोच वश उनके लिए कोई प्रतिकूल कदम नहीं उठाते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। बाल यौन शोषण करने वाला कोई भी व्यक्ति न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए कलंक है और यदि प्रारम्भ में ही उसे उसकी गलती की सजा नहीं दिलाई जाती तो वह आगे चलकर इसकी पुनरावृत्ति करता है। इसलिए आज यह आवश्यक है कि सभी को मिल कर बाल यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

इस अवसर पर लाॅ कालेज के प्राचार्य श्री अश्वनी कुमार गुप्ता द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के क्रियाकलापों के विषय में जानकारियां दी गई। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का संचालन श्री वीर विक्रम सिंह द्वारा किया गया। शिविर से विधि के छात्र छात्राएं लाभान्वित हुए और उनके द्वारा पुनः इस प्रकार के आयोजनों के लिए निवेदन किया गया।

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